भाई प्रमोद कुमार अपनी पत्नी के साथ(उम्र 41) और उनकी प्रिय बेटी, दिल्ली मानमिन चर्च, भारत

2003 में, मेरी शादी हुई और दो सालों के बाद मेरी पत्नी गर्भवती हुई। परन्तु डाक्टर ने उसे गर्भपात करने की राय दी क्योंकि उन्हे स्वयं को थायराइड की समस्या थी। एक स्त्री जिसमें थायॅराइड के हार्मोन बहुत ज्यादा या बहुत कम होते हैं, उनके लिए गर्भधारण करना असम्भव होता है। और यदि वह गर्भवती हो भी जाऐं, तो ज्यादातर मामलों में या तो अपरिपक्व शिशु पैदा होता है या फिर गर्भपात हो जाता है। उसके अलावा उन्हे और भी कई समस्याऐं थी जैसे कि भूख लगना, थकान, कुपोषण, और लाल रक्त वहिकाओं की कमी इत्यादि। हमारे पास गर्भ गिराने के अलावा और कोई विकल्प नही था।

परन्तु तौभी हम बच्चा चाहते थे और कोई न कोई मार्ग ढुंढने की इच्छा से अस्पताल गये। लेकिन जाँच के नतीज़ो नें हमें और भी अधिक निराश कर दिया, जाँच में पाया गया कि उनकी गर्भाशय नाल बंद हो गई हैं।

2007 में उन्होने 1 साल से भी ज्यादा समय तक चिकित्सक उपचार लिया, परन्तु कोई सुधार नही हुआ। हम जादू-टोना करने वालों और काला जादू करने वालों से मिले। हमने भारतीये परम्परागत दवाओं के द्वारा भी उपचार का तरीका ढुंढा। हमने पूजा-पाठ किये। परन्तु सब बर्बाद ही था। कोई भी आशा नही दिखाई दे रही थी।

2013 में, हम एक डाक्टर के पास गयें, जो टेस्ट ट्यूब बेबी ट्रीटमेंट के लिये प्रसिद्ध था। परन्तु उपचार के 6 दिनों के अन्दर मेरी पत्नी ने रक्त-स्राव की उल्टीयां की और समाप्ति गर्भपात के साथ हुई।

इसी बीच, हमने डा. जेराक ली और उनके चर्च मानमिन सेंट्रल चर्च के बारे में सुना, जो कि साउथ कोरिया में है। दिसम्बर 2013, मैने दिल्ली मानमिन चर्च में जाना शुरू किया। पास्टर जोन किम ने हमारी समस्याओं के लिए प्रार्थना की और हमसे निवेदन किया कि हम विश्राम दिन को पवित्र रखें और सम्पूर्ण दश्माश दें।

उन्होने हमें डा. जेराक ली की किताब क्रूस का सदेंश भी दी। किताब को पढ़ने कि बाद, हमने सिखा कि परमेश्वर ही एकलौता सच्चा ईश्वर है और हम केवल यीशु मसीह के द्वारा ही उद्धार प्राप्त कर सकतें है। उसके बाद हम ने परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण किया। हमने विश्राम दिन को पवित्र माना, दश्माश दिये और विश्वास के साथ मुआन मीठे पानी को पीते समय अपने हृदय की इच्छा के लिये प्रार्थना की।

और हम ने अपने फोटो साउथ कोरिया डा. ली के पास भेजें और उनसे हमारे लिए प्रार्थना करने का निवेदन किया। जुलाई 2014 में, शुक्रवार सम्पूर्ण रात्रि सभा के दौरान हम ने उनकी प्रार्थना को प्राप्त किया।

फिर मेरी पत्नी ने उन सभी दवाओं को जो वह ले रहीं थी फैंक दिया। हमने उनकी किताब विश्वास का परिमाण और क्रूस का सदेंश पढ़ी और परमेश्वर से और भी अधिक परिश्रम से प्रार्थना की। एक महीने के बाद, मेरी पत्नी को दर्द होने लगा और वह अस्पताल गयीं। डाक्टर ने उन्हे गर्भावस्था जाँच के लिए कहा। उस रात जो जाँच की गई उसमें बताया गया कि यह पाजीटीव है। हाल्लेलुयाह!

हम 12 सालों से बांझपन की अवस्था मे थे। लेकिन मैने और मेरी पत्नी ने घुटने टेकें और परमेश्वर को धन्यावाद और आँसूओं से भरी प्रार्थना को अर्पण किया। इसके अतिरिक्त मेरी पत्नी का थायराइड भी थायराइड हार्मोन के सामान्य स्तर के साथ सामान्य हो गया।

उनकी गर्भवस्था के दौरान, गर्भनाल भ्रूण की गर्दन में लिपट गई, और डाउन सिंड्रोंम की संभावना 50 में 1 थी। और संभावना यह थी कि भ्रूण की तंत्रिका ट्यूब, क्षतिग्रस्त होती। परन्तु हमें इस बारे में कोई चिंता नही थी क्योंकि परमेश्वर ने बच्चा डा. ली की प्रार्थनाओं के द्वारा दिया। दिसम्बर 2014 में, हमने इन सब के लिए जी सी एन के द्वारा उनकी प्रार्थनओं को फिर से प्राप्त किया।

अप्रैल 2015 में, मेरी पत्नी ने सुरक्षित रूप से बच्ची को जन्म दिया और मेरी पत्नी और हमारी बच्ची दोनो ही सुरक्षित थे। यह अद्भुत सामर्थी कार्य था जिसे केवल सृष्टीकर्ता परमेश्वर ही कर सकता था। हम अपनी बच्ची को अच्छे से बढ़ते हुए देखकर बहुत खुश हैं।

हम सारा धन्यवाद और महीमा जीवित परमेश्वर को देते हैं और अपना धन्यवाद सिनियर पास्टर को देते है जिन्होने सार्म्थ्य के द्वारा उत्तर प्राप्त करने में हमारी अगुआई की।

 

 

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