“जी सी एन पर प्रार्थना को ग्रहण करने के बाद मुझे एड्स से चगांर्इ मिली”

भार्इ बाम्पा सेला उमर, उम्र 65 वर्ष, किनशासा मानमिन चर्च, डी आर कोन्गों।

यह जानने के बाद कि मुझे एड्स है और मै जल्दि ही मर जाउंगा, मै गहरी निराशा में था। जब मै निराशा की इस गर्त में था, मेरी चाची, जो किंशासा मानमिन चर्च में जाती थी, उन्होने मुझे सामथ्र्य में बारे में बताया जो डा. जेरॉक ली के द्वारा प्रदर्शित की गर्इ थी।

मै अपनी चंगार्इ के विषय में निश्चित हो गया। तब से मैने दवाऐं लेना बंद कर दी और हर सभा और दानियेल प्रार्थना सभा में  शामिल। मुझे ताकत मिली।

अगस्त 2015 में, मैने रिकार्डेड मानमिन समर रिट्रीट को जी सी एन पर देखा और बीमारों के लिये डा. जेरॉक ली की प्रार्थना को ग्रहण किया।

तब, पवित्र आत्मा की आग ने मेरे शरीर को झुलसा दिया। उसके बाद मुझे चक्क्र नही आए और मैं बिना कीसी मुश्किल से चल फिर पाया। उसके बाद मुहासे और दाग गायब हो गये। मेरे अन्दर बड़ा सुधार हुआ और एक अच्छे सवस्थ्य को प्राप्त किया।

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