मानमिन विश्व प्रचार की एक झलक

2000 में, सृष्टिकर्ता परमेश्वर की सामर्थ्य ने पूरे संसार को भर दिया।

इस भवन की पिछली महिमा इसकी पहिली महिमा से बड़ी होगी, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है, और इस स्थान में मैं शान्ति दूंगा, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है। हाग्गै 2:9

जुलार्इ 2002 में चर्च ने युगांडा होली गोस्पेल क्रूसेड का नेतृत्व किया। परमेश्वर ने उस देश के न्याय मंत्री को प्रेरित किया और उसने क्रूसेड में शुरू से अंत तक सहयाता की। सी एन एन के द्वारा क्रूसेड को इश्वरीय चंगार्इ के कार्यों के साथ विश्वभर में प्रसारित किया गया। बहुत से एड्स के मरीज क्रूसेड में उपस्थित हुऐ और उनमें से बहुतों ने चंगार्इ प्राप्त की।

सितम्बर 2000 में, चर्च ने नागोया, जापान में एक क्रूसेड किया। परमेश्वर ने बहुत से गूंगे और बहरे लोगों को चंगा किया और प्रमाणित किया कि सामर्थ्य कितनी महान हो चुकी थी और भविष्य में किस प्रकार से इससे भी महान सामर्थ्य प्रकट होगी। इसी वर्ष पाकिस्तान में हुऐ क्रूसेड ने मुस्लिमों के द्वारा उत्पन्न की गर्इ बाधाओं को जीत लिया। क्रूसेड का पाकिस्तान पर बड़ा प्रभाव हुआ और परिणाम स्वरूप पास्टर टेशिक गिल की रूमाल सहित प्रर्थाना सभाऐं और इज़हाक टी वी पर सेवकार्इ सक्रिय हुर्इ।

2001 में, कीनिया में क्रूसेड किया गया। इस क्रूसेड में 300,000 लोंगो ने हिस्सा लिया, जो कि कीनिया के मसीही इतिहास में सबसे बड़ी भीड़ थी। मानमिन के लिऐ यह अफ्रिकी सेवकार्इ में एक प्रांरभिक प्रयास के रूप में सबित हुआ। उन्होने 2001 में फिलिपिन्स में क्रूसेड किया। फिलिपिन्स में हमारे क्रूसेड के दौरान, दो तूफान आ रहें थे, लेकिन डॉ. ली की प्रार्थनओं के द्वारा परमेश्वर ने उन्हे दूर कर दिया। एक व्यक्ति जो लगभग मर चुका था, प्रार्थनओं के द्वारा उसने नया जीवन प्राप्त किया। सृष्टि की सबसे महान सामर्थ्य के द्वारा बहुत प्रकार की बीमारीयां और निर्बलताऐं चंगी की गर्इ। 2002 में उन्होने हांडूरस में क्रूसेड किया। और क्रूसेड डॉ. ली के लिये लैटिन अमेरिका पहुंचने के लिए एक द्वारा जैसा था।

अक्टूबर 2002 में, इन क्रूसेडों ने हिन्दु प्रभावपूर्ण देश, भारत में, क्रूसेड के द्वारा बहुत से रिकॉर्ड के साथ साथ “सबसे महान” और “सबसे बड़ा” क्रूसेड के रूप में रिकॉर्ड स्थापित कर दिया। वह बहुत बड़ा मंच लोगों की भीड़ से भर गया जो गवाहीयां देने मंच पर  आये। क्रूसेड को बाधित करने के लिए, ज़बरन परिवर्तन पर रोक लगाने के लिये एक कानून लाया गया लेकिन परमेश्वर की सामर्थ्य के सामने सबकुछ बेकार था।

2003 में उन्होने रूस में सेन्ट पीटर्सबर्ग की 300वीं सालगिरा के, अधिकारिक समारोह कार्यक्रम के रूप में क्रूसेड का नेतृत्व किया। इस क्रूसेड ने हमारी इस्राइली सेवकार्इ के लिऐ आधान प्रदान किया। आत्मिक सदेंश और परमेश्वर की सामर्थ्य के द्वारा बहुत से लोग प्रभावित हुऐ और वहां पर बहुत सी इश्वरीय चंगार्इ की गवाहीयां दी गर्इ। यहां तक कि बहुत से बद्धिजीवियों ने भी परमेश्वर की सामर्थ्य का स्वीकार किया।

2004 में, एक क्रूसेड जर्मनी में किया गया, जहां पर मसीहत की चिंगारी लगभग राख हो चुकी थी। यह क्रूसेड पड़ोंसी देशों मे भी टेलेविजन पर प्रसारित किया गया। बहुत से लोगों ने, न केवल सभा स्थल पर बल्कि वे भी जिन्होने टेलेविजन पर प्रसारण को देखा चंगार्इयां प्राप्त की। इसका आत्मिक अर्थ था कि परमेश्वर यूरोप को एक और अवसर दे रहा था और जर्मनी को अनुग्रह की वह इस्राइलियों के संदर्भ में पाप की दीवार को ढा दें।

2004 में, पेरू में क्रूसेड किया गया। डॉ. ली ने पेरू के राष्ट्रपति से मुलाकात की। और क्रूसेड को बहुत से टेलेविजन स्टेशनो द्वारा और प्रैस द्वारा प्रसारित किया गया। बहुमत दल के अध्यक्ष, कोंग्रेस मैन और मेयर इस क्रूसेड में शामिल थे।

फरवरी 2006 में, राष्ट्रपति और सरकार के सहयोग से डी आर कोन्गों में एक संयुक्त क्रूसेड किया गया। वह स्थान लोगों से परिपूर्ण था और चंगार्इ के कार्य बहुतायत के साथ प्रकट किये गये। इसी वर्ष जुलार्इ में स्ंयुक्त राज्य के न्यूयार्क में एक क्रूसेड किया गया। यह क्रूसेड विश्व के जानी-मानी रंगभूमी, मेडिसन स्क्वायर गार्डन में किया गया। वहां पर चर्च ने प्रंशसा का बैज और प्रशंसा पत्र, न्यूयोर्क स्टेट सीनेट से, न्यूयोर्क स्टेट असेम्बली से और न्यूयोर्क सीटी काउंसिल से प्राप्त किया।

2007 से 2009, तीन वर्षों तक डॉ. ली ने इस्राइल में सुसमाचार प्रचार पर ध्यान केंद्रित किया। हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह और पवित्र आत्मा की अग्निमय कार्यो में परमेश्वर की सामर्थ्य वापस इस्राइल पहुंचार्इ गर्इ। तीन वर्ष की इस इस्राइली सेवकार्इ का समापन, सयुंक्त क्रूसेड के साथ किया गया जिसका आयोजन सितम्बर 2009 में किया गया। इस क्रूसेड का इस्राइल में अदभुत प्रभाव पड़ा। इस कू्रसेड का प्रभाव प्रभु के वापस आने तक, यहूदियों के प्रति परमेश्वर के प्रावधान को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।

2010 में, जो कि उड़ान के तीसरे दौर की शुरूआत थी, एस्टोनिया में क्रूसेड किया गया। परमेश्वर ने लोगों को एहसास कराया कि वे कौन है जिनके विरोध में वे अन्त में इस समय में सघंर्ष कर रहें थे। वे मसीही विरोधी सामर्थ्य थी। इसके लिऐ, 2010 से 2016 के शुरूआती अर्द्धवर्ष तक परमेश्वर ने उन्हे उड़ान के तीसरे चरण के लिऐ सम्पूर्णता से तैयार होने दिया।

 

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