अदभुत कार्य किसी भी बीमारी से अधिक तीव्रता से फैलते हैं।

हॉन्डोरस में जन्मे एक मसीह डाक्टर ने एक भरी हुर्इ न्यूज कॉन्फ्रेस नार्वे मे बताया की ‘‘अदभूत कार्य किसी भी बीमारी से अधिक तीव्रता से फैलते हैं।’’

असिस्ट न्यूज सर्विस

TRONDEHIM, NORWAY (ANS)-14 मर्इ 2008

डा. आरमान्दो पिनेदा का इन्टरव्यु डा. डान वूडिंग द्वारा लिया गया था। डा. आरमान्दो पिनेदा जो कि अब फ्लोरिड़ा में रहते हैं, और वल्र्ड क्रिश्चियन डाक्टरर्स नेटवर्क यू.एस.ए के डायरेक्टर हैं जिन्होंने बड़े बोझ और तरस के साथ डाक्टरर्स की आवश्यकता को बताया कि उन्हें चाहिए कि वे अपने मरीजों के लिए प्रार्थना किया करें। क्युबा के अनेकों रहने वालों के सामने उदाहरण रखते हुए वे उन लोगों की सेवा कर रहे हैं, जो ओझाओं, जादू, टोना, तन्त्र मन्त्र इत्यादि से आजाद हुए हैं। उन्होंने ये भी कहा की ‘‘परमेश्वर का चंगार्इ का सामर्थ्य’’ की गवाही देने के लिए डाक्टर लोग सबसे अधिक विश्वास योग्य हैं। हमें इस बात का एहसास करने की आवश्यकता है कि आश्चर्यक्रम की खबर किसी भी बीमारी से अधिक तीव्रता से फैलती है। डा. आरमान्दो पिनेदा 38 देशों के 200 मसीह डाक्टरों और मैडिकल प्रोफेशनल्स में से एक थे जो अपने मरीजों के लिए प्रार्थना करने में विश्वास रखते हैं। वे मर्इ 2008 को 2 दिनों की पाँचवी International Christian Medical Conference में जो कि Trondheim Norway में हो रही थी जिसका विषय ‘‘आत्मिकता और चिकित्सा शास्त्र‘‘ था में शामिल थे। इस कान्फ्रेंस में वे उन आश्चर्यक्रमों की जाँच पड़ताल कर रहे थे जो फिल्मों और मेडिकल रिपोर्ट में मौजूद थे।

अन्र्तराष्ट्रीय मसीही चिकित्सा संगठन (WCDN) वल्र्ड क्रिश्चियन डाक्टर्स नेटवर्क द्वारा आयोजित की गर्इ थी। ये संगठन न केवल उन सवालों का जवाब देता है जिनका सामना आज क्रिश्चियन मैडिकल समुदाय करता है बल्कि ये पहला और अपने प्रकार का वह संगठन है जिसका लक्ष्य परमेश्वर के सामथ्र्य द्वारा पार्इ हुर्इ चंगार्इ की जाँच करना और उन्हें प्रमाणित करना है। कुछ डाक्टरों ने इस में बताया WCDN स्कैन्डीमेविया के डायरेक्टर डा. जेनिस एवं राना ने इस वर्ष की कान्फ्रेंस की मेजबानी करते हुए कहा ‘‘हम ऐसा नही चाहते कि इस कान्फ्रेंस का प्रभाव केवल उपस्थित डाक्टरों पर हो किन्तु TRONDHEIM के लोगों पर भी हो, इसलिए ही हमने चंगार्इ प्रचारक पास्टर SVEIN MAGNE PEDERSEN को कान्फ्रेंस के दौरान चंगार्इ सभा करने के लिए आमंत्रित किया है।

उन्होंने ये भी कहा ‘‘विश्वासी डाक्टर होने के कारण, औरों की तरह हमारे पास ये सौभाग्य है कि चिकित्सा विज्ञान की सहायता के साथ साथ हमारे पास एक पूर्ण सहायता भी है जो केवल उद्धारकर्ता देता है। वह सहायता क्रूस पर विजय प्राप्त कर उसने पार्इ। उसने हमारे लिए पूर्ण और अनन्त स्वतंत्रता क्रूस पर विजय प्राप्त कर पार्इ प्रत्येक उस वस्तु से जो हमारे शत्रु ने हमारे उपर डालने की कोशिश की। ‘‘विश्वासी होने के कारण ये हमारी जिम्मेदारी है कि चिकित्सा-शास्त्र तथा शल्य-चिकित्सा के साथ साथ हम उन्हें पूर्ण सहायता भी दें जो केवल उद्धारकर्ता दे सकता है और ऐसा करने में साहसी बने रहें।’’

WCDN के अध्यक्ष डा. यून-सिओक चे ने कहा ‘‘यद्यपि अधिक विकसित चिकित्सा विज्ञान जैसे कोशिका द्वारा जानवरों की अनुकृति सफलतापूर्वक बनाने की खोजें निकल आर्इ है। लेकिन ये भी सत्य है कि इतना विकास होने के बावजूद अनगिनित ला-इलाज और भयानक बिमारियाँ लगातार बढ़ रही है। शारीरिक और मानसिक शान्ति की दशा, सच्चे स्वास्थ्य को प्रकट करती है। केवल परमेश्वर ही है जो लोगों के बारे में सबसे अधिक और सब कुछ जानता है और वही विभिन्न बिमारियों को ठीक करने के योग्य है।

डाक्टर चॉन्सी डबल्यू क्रैडल प्टए पाम बीच गार्डन्स फ्लोरिडा में, पाम बीच कार्डीयो वैस्कुलर क्लिनिक में सेवा देते हैं। जो वक्ता है और ‘‘मरीजों  के लिए प्रार्थना’’ की घटनाओं को प्रस्तुत करने वाले हैं उन्होने मौजूद संवाददाताओं  को कहा ‘‘इस समाचार को लोगों को बताएं ताकि वे इस सुसमाचारीय चंगार्इ सभा में आयें। लोगों को बताएं की वे सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण बिमारियों से युक्त लोगों को लेकर आयें। मैं विश्वास करता हूं कि इस कान्फ्रेंस के द्वारा नार्वे में एक बड़ी बेदारी आएगी।’’

प्रेस कान्फ्रेन्स के दौरान, मीडिया और अन्य डाक्टर खामोश और हैरान बैठे थे जब एक प्रसिद्ध हृदय डाक्टर दावा कर रहे थे कि कैसे एक मरीज जो मर गया था और शवगृह के लिए तैयार था, डाक्टर द्वारा प्रार्थना करने के बाद फिर से जीवित हो उठा। डा. क्रैन्डल ने ANS को अपनी पहली कहानी में एक नाटकीय घटना के बारे में जो दो साल पहले वैस्ट पाम बीच फ्लोरिडा में हुर्इ थी बताया।

‘‘हमारे पास एक 53 वर्ष के व्यक्ति को इमरजैन्सी के कमरे में लाया गया जिसे एक बड़ा हार्ट अटैक पड़ा था। वास्तव में उसका दिल धड़कना ही बन्द हो गया था। डा. ने बताया ‘‘चिकित्सा विभाग के लोग इमरजैन्सी कमरे में चालीस मिनट तक उस व्यक्ति पर काम करते रहे और बाद में उन्होंने उसे मरा हुआ घोषित कर दिया’’।

‘‘उन्होंने मुझे मरीज की समीक्षा करने के लिए उसके इलाज के अन्तिम समय पर बुलाया जब वे उसे पुन: जीवित करने की कोशिश में असफल रहे थे। जब नर्स उसके पार्थिव शरीर को नीचे शवगृह में ले जाने की तैयारी कर रही थी, पवित्र आत्मा ने मुझ से कहा ‘‘पीछे मुड़ और उस व्यक्ति के लिए प्रार्थना कर’’। जब पवित्र आत्मा आपसे बात करता है तो आपको उत्तर देना चाहिए। कर्इ बार ये एक खामोश आवाज़ होती है। और ये आवाज खामोश थी और प्रभु को आदर देने के लिए, मै पीछे मुड़ा और स्ट्रैचर के पास गया जहां उसका शरीर को तैयार किया जा रहा था।

मौत का कालापन

‘‘व्यक्ति में कोर्इ जान नही थी, मृत्यु के कारण उसका चेहरा, पांव और उसके हाथ पुरी तरह काले पड़ चुके थे, मै उसके शरीर के पास बैठ गया और प्रार्थना करने लगा ‘‘प्रभु पिता’’ मै कैसे इस व्यक्ति के लिए प्रार्थना करूं? ये तो मर चुका है, मैं क्या कर सकता हूं? लेकिन अचानक ये शब्द मेरे मुँह से निकले ‘पिता परमेश्वर’ मैं इस व्यक्ति के प्राण के लिए हृदय से पुकारता हूं यदि यह व्यक्ति आपको अपना प्रभु और उद्धारकर्ता करके नहीं जानता है तो, ठीक इसी वक्त यीशु के नाम में इसे मृत्यु से जीवित कर दीजिए।’’

डा. क्रैन्डल ने सुझाव दिया कि यद्यपि मैडिकल टीम पहले ही चालीस मिनट तक मरे हुए व्यक्ति को जिलाने की कोशिश करती रही थी। उन्होंने टीम से कहा एक और बार कोशिश करें और उसे ‘‘झटका’’ दें, जबकि वे पहले असफल हो चुके थे।

‘‘ये बहुत ही आश्चर्यजनक था कि कुछ ही मिनटों बाद, जब हम मोनिटर पर देख रहे थे अचानक दिल की धड़कन दिखार्इ पड़ी। ये बिल्कुल ठीक और सामान्य धड़कन थी। और तब कुछ और मिनटों बाद, उसने हिलना डुलना शुरू कर दिया। उसकी उँगलियाँ हिल रही थी उसके बाद अँगुठो ने हिलना शुरू किया और उसके बाद उसने शब्दों को बुदबुदाना शुरू कर दिया।

‘‘वहां कमरे में एक नर्स थी, वह विश्वासी नही थी वह चीख पड़ी और बोली ‘‘डा. क्रैन्डल, आपने इस मरीज को क्या किया? मैने कहा मैने तो केवल यीशु के नाम में इसके प्राण के लिए विनती की थी।’’

हम जल्दी से इस व्यक्ति को ICU में नीचे ले के भागे, और अस्पताल मे अब तक इस सत्य की फुसफुसाहट होने लगी थी कि एक मरे हुए व्यक्ति को जीवित किया गया है। कुछ दिनों बाद ये व्यक्ति पूरी तरह होश में आ गया। जब मैंने उससे पूछा, तुम कहाँ रहे और उस दिन कहां थे जब तुम्हे बड़ा हार्ट अटैक पड़ा था? तुम तो जा चुके थे हमने यीशु के नाम में तुम्हारे जीवित होने के लिए प्रार्थना की थी।

गन्दगी में फेंक दिया गया था।

‘‘उस व्यक्ति ने कहा ‘‘डा. क्रैन्डल, ये बहुत विचित्र बात है, मै एक अन्धेरे कमरे मेंं था और उसमें कोर्इ भी रोशनी नही थी, वहां पूर्ण अन्धकार था मैने महसूस किया मैं एक सन्दुक में बार बार ये दोहरा रहा था कि मैं निराश था। उसने कहा कि निराशा इस बात की सच्चार्इ से थी, कि कोर्इ भी उसके परिवार का या दोस्तों और साथियों में से उससे मिलने नहीं आया था। तब उसने मुझे बताया कि, अचानक ये व्यक्ति आये और उन्होने मुझे लपेटा और गन्दगी में फेंक दिया।

‘‘DAN – उस दिन वह नर्क में था और जब उसने मुझे ये कहानी बतार्इ, मैने प्रभु को पुकारा और कहा प्रभु इस व्यक्ति को, आपको अपना प्रभु और उद्धारकर्ता ग्रहण करने की आवश्यकता है। तब मैने उस व्यक्ति जो पलंग पर बैठा था उसको उद्धार का सन्देश समझाया और उसके हाथ पकड़कर पुकारा ‘पिता परमेश्वर’ यीशु के नाम में मैं प्रार्थना करता हूं कि ये व्यक्ति आपको अपना प्रभु और उद्धारकर्ता करके ठीक यहां ICU  में ग्रहण करें।  उसने  अपने हाथ बढ़ाए और यीशु को अपना उद्धारकर्ता परमेश्वर ग्रहण किया जबकि उसकी आँखों से आँसू नीचे बह रहे थे। और अब वह परमेश्वर की सन्तान है।

‘‘मैने उसे बताया, अब कभी भी तुम्हें गन्दगी में, पूर्ण अन्धकार में नहीं फेंका जाएगा। यीशु मसीह का जीवन तुम में है और स्वर्ग के राज्य की ज्योति अब तुम्हारे ऊपर है’’।

मैने डा. क्रैन्डल से पूछा कि यदि मरीज के दिमाग में कोर्इ नुकसान पहुंचा हो? ‘‘नहीं कोर्इ भी दिमागी नुकसान उसे नहीं पहुंचा उसका दिमाग पूरी तरह सामान्य था’’ उन्होंने कहा ‘‘मुझे अधिक चिन्ता उसके हाथों की थी, क्योंकि उसकी उँगलियाँ पूरी तरह से काली पड़ चुकी थी और कुछ सुन्नता उसकी उँगलियों और पांवो में थी, लेकिन अब वह पुरी तरह से ठीक हो चुका था।’’

उन्होंने बताया कि वह व्यक्ति 53 वर्ष का कार मैकेनिक था, और उसके पास विश्वासी परिवार था लेकिन 20 साल पहले उसने उन्हें छोड़ दिया था, क्योंकि वह प्रभु में विश्वास नहीं करता था। उसका परिवार 20 साल से लगातार उसके उद्धार के लिए प्रार्थना कर रहा था। और उसकी पहली पत्नी अपने हाथ जोडे और घुटने टेके अपने पहले पति के उद्धार के लिए प्रार्थना कर रही थी। जिसने उस दिन प्रभु को जान लिया था।’’

तब मैने डाक्टर से पूछा कि यदि ऐसा ही कोर्इ और आश्चर्यक्रम उन्होंने अपने व्यवसाय में देखा हो।

‘‘उन्होने कहा मैं लोगों की तीन घटनाओं का गवाह रहा हूं जब वे मृत्यु से जिलाए गये हैं’’ एक और घटना, जब एक मरीज को जिसे बड़ा हार्ट अटैक हुआ था अस्पताल लाया गया यह ठीक वही दिन था जब मैने पवित्र आत्मा का बपतिस्मा प्राप्त किया था जिसके लिए मैं कर्इ सप्ताहों से प्रार्थना कर रहा था कि इस सामर्थी बपतिस्मे को जिसे प्रभु दे सकता था, मैं प्राप्त करूं। हम इस मरीज पर कार्य कर रहे थे जो दोबारा बडे हार्ट अटैक के साथ आया था, और जो ऑप्रेशन कमरे में बच नही पाया था।

‘‘अचानक पवित्रआत्मा के बपतिस्मा ने मुझे प्रेरित किया और मैने आत्मिक भाषा में बोलना शुरू कर दिया। और मरीज के ऊपर ऑप्रेशन कमरे में रोने लगा जो कि मर चुका था। और तब पाँच या दस मिनट में इस मरीज की दिल की धड़कन और जान वापिस आ गर्इ। एक बार फिर वो नर्स जो विश्वासी नहीं थी मेरी ओर देखकर मानो ऐसा कह रही थी ‘‘लो, वे गए डा. क्रैन्डल दूसरे मरीज की ओर।’’

आश्चर्यक्रम, सहगान, डाक्टर्स कान्फ्रेंन्स में प्रस्तुत किया गया।

डा. क्रैन्डल, उन डाक्टर्स से क्या कहना चाहेंगे जो अलौकिक चंगार्इ में विश्वास नहीं करते?

‘‘मैं अपने साथियों और काया चिकित्सकों को बस इतना कहना चाहूंगा की प्रभु वास्तव में है। हमने बहुत से आश्चर्यक्रम देखे हैं। और प्रतिदिन हम अपने मरीजों के लिए प्रार्थना करते हैं। कोर्इ भी सप्ताह ऐसा नहीं जाता कि हम अपने ऑफिस में सामर्थी आश्चर्यक्रम न देखें, क्योंकि लोगों को इसकी आवश्यकता है। और उन्हें यीशु मसीह के सामथ्र्य की आवश्यकता अपने जीवन में और चंगार्इ के लिए है।’’

‘‘मै अपने साथी डाक्टर्स को कलीसिया में भाग लेने के लिए उत्साहित करना चाहूंगा कि वे पास्टर से मिलें और चंगार्इ की सभा में जाएं जो उन लोगों के द्वारा चलार्इ जाती है, जो यीशु मसीह के सामर्थ्य़ में विश्वास करते हों। हम चिकित्सा  के अपने साथियों को प्रेम करते,  और उनके लिए प्रार्थना करते हैं।’’

कान्फ्रेंन्स के सत्र के बीच में आश्यर्यक्रम, सहगान और मनमिन प्रेज टीम सिओल द्वारा प्रशंसा का संगीत प्रस्तुत किया गया।

जैसे ही कान्फ्रेंस शुरू हुर्इ सर्द हवा का झोंका TRONDHEIM से टकराया, जो कि आर्कटिक क्षेत्र से अधिक दूर नहीं है। लेकिन वहाँ गर्मजोशी से भरे हृदय कान्फ्रेंस के आरम्भ से ही मौजूद थे।

Be the first to comment

Leave a Reply