अध्याय 5-यीशु मसीह कौन है?

अध्याय 5
यीशु मसीह कौन है?
1.यीशु मसीह परमेश्वर के साथ एक हैं
युहन्ना 1:1- 3 कहता है आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। यही आदि में परमेश्वर के साथ था। सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई।
यह हमे बताता है कि यीशु मसीह सृष्टिकर्ता परमेश्वर के साथ एक है। युहन्ना 1:14 भी कहता है कि और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण होकर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा। युहन्ना 1:18 बताता है कि परमेश्वर को किसी ने कभी नहीं देखा, एकलौता पुत्र जो पिता की गोद में हैं, उसी ने उसे प्रगट किया।। यह प्रमाणित करता है कि यीशु मसीह स्वयं पमरेश्वर है जो देहधारी हुआ और हमारे बीच मे परमेश्वर के एकलौते पुत्र की भांति डेरा किया।
इसलिए जब यीशु के शिष्यों मे से एक फिलिप्पुस ने यीशु से कहा, हे प्रभु हमे केवल पिता को दिखा दे यही हमारे लिए काफी है फिर यीशु ने उत्तर दिया जिसने मुझे देखा है उसने पिता को देखा है। इसलिए तुम कैसे कह सकते हो कि हमे पिता को दिखा दे?यीशु मसीह परमेश्वर के साथ एक है। लेकिन देहधारी होकर पृथ्वी पर हमें उस परमेश्वर को दिखाने के लिए आया जो अदृश्य है उसने परमेश्वर की इच्छा को पूरा किया और उसके द्वारा हम सच्चे परमेश्वर को देख सकते है।मरकुस 6:31-56 हमने देखा कि यीशु ने पाँच रोटी और दो मछलियो से पाँच हजार लोगों को खिलाया। पानी पर चला और अपने शिष्यों की नाव मे पहुँचा और हवा को शांत किया जब उन्होने जो की बीमार थे उसके वस्त्र को छू लिया वे चगें हो गए।हम विश्वास कर सकते है कि यीशु परमेश्वर के साथ एक है क्योंकि उसने ऐसे कार्य किए जो मनुष्य की सार्मथ द्वारा मुमकिन नही थे बल्कि केवल परमेश्वर कि सामथ्र्य के द्वारा ही सम्भव हैं। उसने पापमय मनुष्य को बचाने और उसे उद्धार का रास्ता दिखाने और उस पर चलाने कि के लिए क्रूस का दुख सहा। उसने हमे आशीषों को दिलाने के लिए अपना बलिदान दिया। इसी प्रकार हमे पता चलता है कि यीशु पमेश्वर के साथ एक है तब से उसने हमें इस प्रकार का प्रेम दिया जो कोई मनुष्य हमें नही दे सकता ।
कुलुस्सियों 1:15-17 हमे बताता है कि यीशु मसीह परमेश्वर के साथ एक है। वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्टि में पहिलौठा है।  क्योंकि उसी में सारी वस्तुओं की सृष्टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।
उसी प्रकार मसीह जो परमेश्वर के साथ एक है इस पृथ्वी पर देहधारी होकर आया ताकि वह उस अदृश्य अथवा अनदेंखें परमेश्वर को प्रमाणित कर सकें। वह हमारे लिए मार्ग बना ताकि हमें पमरेश्वर के प्रेम को केवल शब्दों द्वारा नही बल्कि अपने जीवन देने के द्वारा बता या सिखा सकें(युहन्ना 14:6)

2. यीशु मसीह उद्धारकर्ता है
मत्ती 16:13- 16 मे एक दृश्य द्वारा यीशु मसीह अपने चेलों से पूछने लगे “यीशु कैसरिया फिलिप्पी के देश में आकर अपने चेलों से पूछने लगा, कि लोग मनुष्य के पुत्र को क्या कहते हैं? उन्हों ने कहा, कितने तो यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला कहते हैं और कितने एलिय्याह, और कितने यिर्मयाह या भविष्यद्वक्ताओं में से कोई एक कहते हैं। उस ने उन से कहा; परन्तु तुम मुझे क्या कहते हो? शमौन पतरस ने उत्तर दिया, कि तू जीवते परमेश्वर का पुत्र मसीह है।“
यीशु एक व्यक्तिगत नाम है जिसका अर्थ है “वह अपने लोगों को पापों से बचाएगा।(मत्ती 1:21) यहां एक यूनानी पद है जिसका हिबू्र मे अर्थ है। “मसीहा“ इसका अर्थ है “तेल से अभिषेक किया हुआ व्यक्ति“ (प्रेरितों के काम 4:27) ।बाइबल में परमेश्वर तेल से उंडेलकर उन्हे एक राजा, पादरी और भविष्यवक्ता के लिए अभिषेक करता है।(लैव्यव्यवस्था 4:3, 1 राजा 19:16, 1 शमूएल 9:1) तेल पवित्र आत्मा को दर्शाता है और इसलिए पमरेश्वर जिन्हे ठहराता है उन पर तेल उडेंलता था । इसलिए परमेश्वर ने यीशु मसीह को एक राजा, पादरी और भविष्यवक्ता निर्धारित किया । उस समय से पहले जिसमे कि हर उस व्यक्ति को बचाया गया जो कि पापी था। यीशु इस पृथ्वी पर परमेश्वर का पुत्र बनकर आया और मसीह की तरह उद्धारकर्ता बना केवल परमेश्वर के अभिषेक के द्वारा।
जो भी परमेश्वर की इस मर्जी को समझ लेते है शमौन पतरस की तरह अंगीकार कर लेते है कि “ तू मसीह है।“ जीवते परमेश्वर का पुत्र। और जैसे यीशु ने भी कहा “माँस और लहू ने नही परन्तु मेरे पिता ने जो स्वर्ग मे है। तुझ पर प्रकट किया है। (मति 16:17) यह हम तभी अंगीकार कर सकते है जब परमेश्वर इसे हम पर प्रकट करें।
बाइबल दर्षाती है कि यीशु मसीह ही उद्धारकर्ता है। युहन्ना 14:6 कहता है यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। प्रेरितों के काम 4:12 कहता है और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें।

3. यीशु मसीह कलीसिया का सिर और नीव है।
कलीसिया उन लोगों की सभा है जिन्होने यीशु मसीह को स्वीकार किया है और वे इसके द्वारा परमेश्वर की संतान बन गए है। युनानी मे कलीसिया का अर्थ है “ जो बुलाए गए है“ यह इसलिए क्योंकि हम यीशु मसीह के द्वारा संसार से बुला लिए गए है। इसलिए यीशु मसीह कलिसिया को सिर और नीवं है। मत्ती 16:18 कहता है और मैं भी तुझ से कहता हूं, कि तू पतरस है; और मैं इस पत्थर पर अपनी कलीसिया बनाऊंगाः और अधोलोक के फाटक उस पर प्रबल न होंगे। यहाँ पर पत्थर का क्या अर्थ है। 1 कुरिन्थियों 3:11 कहता है क्योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता। 1 कुरिन्थियों 10:4 कहता है और सब ने एक ही आत्मिक जल पिया, क्योंकि वे उस आत्मिक चट्ठान से पीते थे, जो उन के साथ-साथ चलती थी; और वह चट्ठान मसीह था। परमेश्वर ने यीशु मसीह चटटान पर कलिसिया का निर्माण किया जो कि कलिसिया का सिर है ।कुलुस्सियों 1:17-18 मे लिखा है और वही सब वस्तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं। 18 और वही देह, अर्थात् कलीसिया का सिर है; वही आदि है और मरे हुओं में से जी उठनेवालों में पहिलौठा कि सब बातों में वही प्रधान ठहरे।
ठीक उसी प्रकार यीशु मसीह ही एकमात्र कलीसिया का सिर और नीव है वह हमे विश्वास के द्वारा आश्वासन देते है और हमें इस संसार पर जय प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन करते है। और साथ ही परमेश्वर के बच्चों की तरह पवित्र जीवन जीना भी सिखाते है।

4. यीशु मसीह पुनरूत्थान का पहला फल है।

पुराना नियम यीशु मसीह के आगमन को बहुत बार दर्शाता है । मीका 5:2 मे भविष्यवाणी की गई कि वह यहूदा के बैतलेहम में जन्मेगा। यशायाह ने कहा वह एक पुत्र की भांति जन्मेगा और ऐसा ही पुरा हुआ(मत्ती 2:1, लूका 1:31) गलातियों 4:4 में कहता है परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्राी से जन्मा, और व्यवस्था के अधीन उत्पन्न हुआ। ताकि व्यवस्था के अधीनों को मोल लेकर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले। और यह यीशु के पुनरूउत्थान से पुरा हुआ।
लूका 4:18 के पद में पुराने नियम मे उसकी सेवाकाई की भविष्यद्वाणी को पूरा करता है यह बताता है कि “प्रभु का आत्मा मुझ पर है, इसलिये कि उस ने कंगालों को सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया है, और मुझे इसलिये भेजा है, कि बन्धुओं को छुटकारे का और अन्धों को दृष्टि पाने का सुसमाचार प्रचार करूं और कुचले हुओं को छुड़ाऊं। “
इस पृथ्वी पर देह मे आया। यीशु फिरता हुआ अराधनालयों मे उपदेश करता और राज्य का सुसमाचार प्रचार करता और लोंगों की हर प्रकार की बिमारी और दूर्बलताओं को दूर करता रहा(मत्ती 4:23) यहां तक कि उसने मृत्यु के अंत तक जैसा कि उसने कहा था उसका अनुसरण किया। जैसे कि, मनुष्य का पुत्र वह इसलिए नही आया कि उसकी सेवा टहल की जाए परन्तु इसलिए आया कि आप सेवा टहल करें और बहुतो की छुड़ौती के लिए अपने प्राण दें। (मत्ती 20:28) अंत मे फिलिप्पियों 2:6-11 के अनुसार जिस ने परमेश्वर के स्वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली। इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है। कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें। और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।। उसने अपने कू्रस पर चढ़ने के लिए उद्धार का प्रावधान पूरा किया और पुनरूत्थान का पहला फल बना। मृत्यु के अधिकार को तोड़ते हुए। अब हर मनुष्य विश्वास के द्वारा पाप और मृत्यु पर जय पा सकता है।
1 यूहन्ना 3:8 कहता है जो कोई पाप करता है, वह शैतान की ओर से है, क्योंकि शैतान आरम्भ ही से पाप करता आया हैः परमेश्वर का पुत्र इसलिये प्रगट हुआ, कि शैतान के कामों को नाश करे।
1 कुरिन्थियों 15:17 भी कहता है और यदि मसीह नहीं जी उठा, तो तुम्हारा विश्वास व्यर्थ है; और तुम अब तक अपने पापों में फंसे हो। यीशु मसीह का पुनरूत्थान एक प्राचीन घटना है और जो कि उसके चेंलो और कई लोगो के सामने हुआ। और यह अनंत जीवन को प्रमाणित करता है।
1 थिस्सलुनीकियों 4:17 कहता है तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिए जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे।
इस कारण यह उन लोगों के लिए अथवा पूरी मनुष्य जाति के लिए अच्छी खबर है जो कि पहले नर्क की ओर जा रहें थे।

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