‘‘क्रूस का संदेश-3’’

‘‘क्रूस का संदेश’’ परमेश्वर की वह गुप्त बुद्धि है जो समय (युगों) के आरम्भ होने से पहले से छिपी रही है। ‘‘क्रूस का संदेश’’ की श्रृंखला द्वारा जिसमें मानव जाति के उद्धार के लिए परमेश्वर की योजना का वर्णन, उन लोगों के लिए है जो पहले परमेश्वर को नहीं जानते थे। लेकिन बाद में वे परमेश्वर से भेंट करके, उसका अनुभव प्राप्त कर, नये जीवन को प्राप्त करते हैं। और पवित्र आत्मा के आग्निमय कार्य द्वारा अनगिनित लोग पश्चाताप करके और चंगार्इ के कार्य का अनुभव प्राप्त कर सच्चे विश्वास को प्राप्त करते हैं। परमेश्वर कौन है इसकी सही और स्पष्ट समझ होना हमारे मसीह जीवन में बहुत ही बुनियादी और महत्वपूर्ण बात है।

प्रकाशन का क्रम

परमेश्वर कौन है?

  1. वह सृष्टिकर्ता परमेश्वर है।
  2. वह ‘‘मै जो हूँ सो हूँ’’ है।
  3. वह सर्वशक्तिमान है।
  4. वह बार्इबल का लेखक है।

वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर है।

देख, मैं सब प्राणियों का परमेश्वर यहोवा हूँ, क्या मेरे लिए कोर्इ काम कठिन है?’’ (यिर्मयाह 32:27)

रचियता परमेश्वर जिसने सृप्टी की सभी वस्तुओं को रचा है और जो सदा से सदा के लिए है, एक सिद्ध, सर्वज्ञानी और सर्वशक्तिमान परमेश्वर है, जो इस योग्य है कि वह कुछ भी कर सकता है। इन्हीं कारणों से पूरी बार्इबल में बार-बार पर चिन्हों और आश्चर्यकर्मों का वर्णन है, जिसे कोर्इ भी मनुष्य कर सकने के योग्य नहीं है। ऐसे सामर्थी परमेश्वर के कार्य परमेश्वर के लोगों द्वारा अलग अलग पीढ़ियों में प्रगट हुए हैं जिन्हें स्वयं उसने नियुक्त किया और आज भी परमेश्वर अपने सामर्थ्य के विचित्र कार्यों को हमें दिखाता है। जैसा कि यीशु ने युहन्ना 4:48 में हमें बताया ‘‘जब तक तुम चिन्ह और चमत्कार न देखोगे, तब तक विश्वास नहीं करोगे’’। लोग उसके सामर्थ्य को चिन्हों और अद्भुत कार्यों में देखे बिना परमेश्वर में विश्वास करने में असमर्थ हैं।

  1. परमेश्वर का सर्वशक्तिमान सामर्थ्य, जैसा बार्इबल में वर्णित है।

बार्इबल हमें उस समय के बारे में बताती है, जब परमेश्वर के सामर्थ्य के द्वारा, लाल सागर दो भागों में बंट गया, सूरज और चांद अपनी जगह पर खड़े रहे, उसके सामर्थ्य द्वारा स्वर्ग से अग्नि गिरार्इ गइ और साढ़े तीन वर्ष के एक बड़े सूखे आकाल के बाद भूमि पर भारी वर्षा की गर्इ। प्रभु यीशु मसीह जो कि स्यंय परमेश्वर का सारतत्व है उसने भी बड़े साधारण तौर से मुर्दें को जिन्दा करके, बीमारों और दुर्बलों को चंगा करके, आँधी और समुद्र को शांत करके और पानी पर चलकर परमेश्वर के सामर्थ्य को प्रकट किया। यहां तक कि यीशु के पुर्नरूथान और जीवित ऊपर उठाए जाने के बाद, परमेश्वर का सामर्थ्य यीशु के चेलों द्वारा भी प्रकट हुआ। प्रेरित पतरस के सम्बन्ध में, ‘‘यहां तक कि लोग बीमारो को भी सड़कों पर ला-लाकर चारपाइयों और बिछौनों पर लिटा दिया करते थे कि जब पतरस उधर से निकले तो कम से कम उसकी छाया ही उनमें से किसी पर पड़ जाए।’’ (प्रेरितों का काम 5:15)

और पौलुस के सम्बन्ध में जब उसकी देह से स्पर्श अंगोछे रोगियों पर डाल दिये जाते थे तो उनकी बीमारियां दूर हो जाती थी और दुष्टात्माएं उनमें से निकल कर भाग जाया करती थी। (प्रेरितों के काम 19:11-12)

  1. आज भी परमेश्वर के सामर्थ्य द्वारा चिन्हों, चमत्कारों ओर सब प्रकार की बिमारियों से चंगार्इ को प्रकट किया जाता है।

क्योंकि ‘‘यीशु मसीह कल और आज और युगानुयुग एक-सा है’’ (इब्रानियों 13:8)। इसलिए आज भी परमेश्वर का सामर्थ्य प्रभु यीशु मसीह द्वारा प्रकट होता है। परमेश्वर का सामर्थ्य पवित्र आत्मा के कार्यों द्वारा प्रकट होता है ऐसे कार्य जो अपने पीछे एक स्पष्ट और वास्तविक संकेत छोड़ते हैं उन्हें चिन्ह कहा जाता है।

परमेश्वर का सामर्थ्य ‘‘आश्चर्यकर्मों’’ का प्रदर्शन करता है जैसे मौसम का बदल जाना। उदाहरण के लिए वर्षा का रूक जाना, आंधी व लहरों का शांत हो जाना, तूफान व बवंडर की दिशा बदल जाना या इन सबको समाप्त कर खिली धूप में वर्षा धनुष का निकल आना इत्यादी शामिल हैं।

परमेश्वर का सामर्थ्य पवित्र आत्मा द्वारा प्रकट होता है, पवित्र आत्मा विभिन्न प्रकार की बीमारियों से जो कि असाध्य और ला-इलाज हैं जैसे कैंसर, एड्स, रक्त का गंभीर रोग (ल्यूकीमिया) तथा अन्य असंख्य बीमारियों से भी चंगार्इ दिला सकता है। परमेश्वर के सामर्थ्य द्वारा स्वंय प्रभु यीशु मसीह ने सभी प्रकार की बीमारियों से पीड़ित लोगों को चंगा किया, दुष्टात्माओं को निकाला तथा मुर्दों को जिन्दा किया।

जबसे मनमिन जूंग-आंग चर्च की शुरूआत हुर्इ है तभी से इस प्रकार के परमेश्वर के सामर्थ्य से भरे कार्य इस कलीसिया में हो रहे हैं। और तब से ही पूरे संसार से ला-र्इलाज बीमारियों की चंगार्इयों की गवाहियां प्रत्येक सप्ताह, आज तक यहां प्राप्त हो रही हैं। सबसे आश्चर्यजनक वास्तविकता यह है कि बहुत से लोगों ने न केवल अपनी बीमारियों और दुर्बलताओं से चंगार्इ का अनुभव तब किया, जब मैंने उनके लिए आमने सामने होकर प्रार्थना की, परन्तु तब भी जब उन्होंने मेरी प्रार्थना को इन्टरनेट और टेलीविजन पर प्राप्त किया।

बहुत से विवाहित जोड़े जिनके पास कर्इ वर्षों से संतान नहीं थी, उन्होंने भी बच्चों को जन्म दिया। यहां तक की बहुत से देशों से प्रार्थना, विनतियां और बीमारों की फोटो फैक्स और र्इ-मेल द्वारा प्राप्त हुर्इ और जब मैंने लोगों के नामों और फोटो पर हाथ रखकर प्रार्थना की तो परमेश्वर के सामर्थ्य ने समय, जगह और दूरी के ऊपर भी अधिकार रख कार्य किया।

उनमें से एक लड़की जिसका नाम सिंथिया, पाकिस्तान से थी, जो कि एक दुर्लभ बिमारी ‘‘आंत की बीमारी’’ (Celiac Disease) से पीड़ित और मर रही थी। वह इतनी अधिक दुर्बल हो चुकी थी कि उसका ऑप्रेशन भी नहीं किया जा सकता था और उसके डाक्टर्स भी अपनी आशा छोड़ चुके थे। तब, सिंथिया की बड़ी बहन उसकी फोटो मेरे पास लेकर आर्इ और कहा कि मैं उसके ऊपर प्रार्थना करूं। मेरी प्रार्थना करने के बाद उसी क्षण से, जल्दी ही सिंथिया ने ठीक होना आरम्भ कर दिया और कुछ ही दिनों के समय में उसे अस्पताल से भी छुट्टी मिल गर्इ।

जब कभी भी मैं कोरिया में या समुद्र पार विशेष जागृति सभाएं करता हूं, तो मैं वेदी से ही बीमारों के लिए प्रार्थना करता हूं। क्योंकि मैं प्रत्येक जन पर हाथ रखकर प्रार्थना करने में असमर्थ होता हूँ, तब भी असंख्य लोग एक ही समय में चंगार्इ प्राप्त करते हैं और परमेश्वर को महिमा देते हैं।

‘‘2004 के पेरू चंगार्इ क्रूसेड’’ के दौरान एक 21 वर्षीय युवा ने जिसका नाम इम्मानुएल मौरा था उसने एड्स से चंगार्इ पार्इ थी। चंगार्इ क्रूसेड के पहले दिन ही इम्मानुएल को उन लोगों कि गवाहियों को देखने से विश्वास प्राप्त होने लगा था जो चंगे हुए थे। जब वह दूसरे दिन चंगार्इ सभा में संदेश सुन रहा था तो अचानक इम्मानुएल को तीव्रता से डायरिया से राहत महसूस हुर्इ जिससे वह एड्स के प्रभाव के कारण पिछले ढ़ार्इ महीने से पीड़ित था। लेकिन अब डायरिया रूक गया था। बाद में रिपोर्ट के जाँच के बाद पता चला कि उसके रोग आक्रमण का बचाव स्तर साधारण लोगों के ही समान है। इम्मानुएल की दादी जो उसके साथ क्रूसेड़ में थी उसने भी गर्भाशय के कैन्सर से चंगार्इ को तब प्रात्प किया जब क्रूसेड के तीसरे दिन से ही उसका खून बहना बन्द हो गया था।

असंख्य और लोग भी जो इस प्रकार की बेदारी सभाओं या क्रूसेड़ में निजी रूप से उपस्थित नहीं हो पाए थे, उन्होंने इन्टरनेट, सेटेलार्इट या टेलीविजन पर देखने के द्वारा अपनी चंगार्इयों की गवाहियां दी।

आइये आगे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के ‘‘आश्चर्यकर्म’’ को देखते हैं, जिसे उसने प्रकट किया था। गर्मियों के समय जब विशेप कार्यक्रम या रिट्रिट कार्यक्रम होते हैं, उस मसय जूंग-आंग कलीसिया के सदस्यों ने अनुभव किया, कि कैसे परमेश्वर स्वयं मौसम पर नियंत्रण करता है क्योंकि एक बार जब हम बाहर खुले में कार्यक्रम की तैयारी कर रहे थे तो मैंने प्रार्थना की और भारी वर्पा रूक गर्इ और आकाश के चारों कोनों से बादलों ने इकट्ठा होकर मनमिन चर्च के सदस्यों को कड़ी धूप से बचाने के लिए ढ़ाल का काम किया।

जब कभी मैं विदेशों में क्रूसेड करता हूं, तो हमेशा आश्चर्यकर्मों को देखता और अनुभव करता हूं। एक बार फिलिप्पिन क्रूसेड से एक दम पहले दो तुफान क्रूसेड की तरफ तेज गति से बढ़ रहे थे। क्रूसेड से पहले एक प्रेस सभा में मैंने दृढ़ता पूर्वक कहा कि ‘‘या तो तूफानों का दिशा परिवर्तन हो जाएगा नहीं तो वे समाप्त हो जाऐंगे और उनका क्रूसेड पर कोर्इ भी प्रभाव नहीं पड़ेगा।’’

और सचमुच एक तुफान तट के पास पहुंचने से पहले ही समाप्त हो गया। और दूसरे ने अपनी दिशा मोड़ ली और पूरी तरह से फिलिप्पिन से दूर चला गया।

उन घटनाओं और सबूतों को जो मनमिन जूंग-आंग कलीसिया में और इसके सदस्यों ने देखे ओर अनुभव किए, जैसे बीमारियों और दुर्बलताओं से चंगाइंया, असाधारण चिन्ह और चमत्कार, बादलों, तारों, और वुर्षा धनुष के अद्भुत कार्य इत्यादी की संख्या को सही सही बताना असंभव है।

  1. सर्वशक्तिमान परमेश्वर जो भविष्य में होने वाली घटनाओं को पहले से देख लेता है।

क्योंकि परमेश्वर सर्वशक्तिमान और सर्वज्ञानी है, इसलिए वह सब कुछ पहले से ही जानता है, वे लोग जो उसके साथ गहरार्इ से बातें करते हैं उनके द्वारा वह आने वाली बातों को प्रकट करता है (आमोस 3:7)। बार्इबल में बहुत सी भविश्यवाणियां है जिनका सम्बन्ध मनुष्य के उद्वारकर्ता के आने, इस्त्राएल के नाश होने और दुबारा से निर्माण होने और युग के अन्त में घटित होने वाली बातों से है। और यह भविष्यवाणियां विश्वासपूर्वक पूरी हो रही हैं।

यहां तक की आज भी परमेश्वर आने वाली घटनाओं को उन लोगों द्वारा प्रकट करता है जो उसके साथ निकटता का सम्बन्ध रखते हैं। और इस वेदी से मैने भी कर्इ भविष्यवाणियां की है जिन्हें परमेश्वर ने मुझ पर प्रकट किया था। जैसे अभी थोडे समय पहले ही मैंने पहले से ही बता दिया था कि ताए-वू-रोह चुनाव जीतकर 1987 में साऊथ कोरिया के राष्ट्रपति होंगे। मैंने यह भी भविष्यवाणी की थी कि चुनाव में रोनाल्ड रैगन अमेरिका के राष्ट्रपति बनेंगे और माग्रेट थैचर इंग्लैण्ड की प्रधानमंत्री बनेगी। परमेश्वर ने मुझ पर भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पूर्व जनरल सेक्रेटरी, चैरनन, सोवियत यूनियन के मृत्यु के बारे में भी पहले से प्रकट कर दिया था।

मैंने पहले से ही ‘‘कोसोवो क्राइसिस’’ 1999 के बारे में बता दिया था और यह भी कि इसके प्रभाव से कैसे भविष्य में एक और धमकी मिलेगी।

मैंने यह भी भविष्यवाणी की थी कि कैसे पेट्रोल का मूल्य बढ़ेगा और मीडिल र्इस्ट का भविष्य क्या होगा। और कैसे तीन बडे़ और समुदाय जैसे अमेरिका, यूरोपीय यूनीयन, और मम्यूनिस्ट या कम्यूनिस्ट नियंत्रण राष्ट्र हैं जो कि संसार के तीन बड़ी शक्तियां होंगी। मैंने यह भी पहले से ही बताया था कि किस प्रकार से साऊथकोरिया की सनशार्इन योजना असफल हो जाएगी, जिसका उद्धेश्य नोर्थ के साथ एक वाचा थी और कैसे नोर्थ थोड़े समय के लिए अपने दरवाजे खोलेगा परन्तु जल्दी ही बन्द कर देगा। इसके साथ ही मैंने कर्इ दूसरे विषयों और घटनाओं पर भी भविष्यवाणियां की जो पूरी हुर्इ या पूरी हो रही है।

हमारा परमेश्वर जो कि इस संसार के इतिहास का वर्त्तमान और भविष्य जानता है वह यह भी जातना है कि हम में से प्रत्येक के जीवन के भविष्य में क्या होना है। इसलिए मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप अपने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को सर्वशक्तिमान परमेश्वर को समर्पित कर  हमेशा समृधि और आर्शीवाद के रास्ते पर चलें।

प्रभु यीशु मसीह में प्रिय भाइयों और बहनों।

आज भी जीवत परमेश्वर अनेकों प्रकार के कार्यें को जो कि मनुष्य के बल और क्षमता से बाहर है, चिन्हों, अद्भुत कार्यों और भविष्यद्वणियों द्वारा प्रकट करता है। इस महान परमेश्वर में विश्वास करने के द्वारा काश आप में से प्रत्येक उसे महिमा दे सकें और सफल और आशीषित जीवन जी सकें। प्रभु यीशु मसीह के नाम में मैं यही प्रार्थना करता हूं। आमिन

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