मेरी छोटी उंगली जिसकी हड्डियाँ टूट चुकी थी, पूरी तरह से फिर से ठीक हो गई।

जिन-सू (22, 1 यंग अडल्ट मिशन)

21 मर्इ 2007 सोमवार को, मेरे सीधे हाथ की छोटी उँगली और अंगुठी वाली उंगली दस्तानों से ढ़की हुर्इ, मेरी दुकान की मांस काटने वाली मशीन में आ गर्इ। और जब मैने उंगलियों को बाहर निकालने के लिए मशीन को विपरित दिशा में चलाया तब तक पहले से ही बहुत से छोटे छोटे छेद मेरी उँगली में हो चुके थे जो कि मशीन में गहरे कट चुके थे। तब कटी हुर्इ नसें एक तेज नलके के समान लग रही थी जब छोटी उँगली से बहुत सा खुन बह रहा था। तेज दर्द ऐसा महसूस हो रहा था जैसे की किसी ने मुझे चाकू से घात कर दिया हो और मैं घबराहट कि दशा में चला गया हूं।

मांस काटने वाली मशीन में उंगलियां

उस दिन मांस की दुकान पर बहुत से, आर्डर आए थे, मैंने सुरक्षा नियम पर ध्यान न देते हुए मशीन के ढ़कने को खोल दिया और इस्तेमाल करने लगा था और इसी कारण से ये दुर्घटना घटी थी। जिस समय मैं अस्पताल पहुंचा तब तक मेरी छोटी उँगली की हड्डियां टूट चुकी थी और सब नसें स्नायु अस्थि बंध, कट-फट चुकी थीं। मुझे बताया गया कि यदि ऑप्रेशन न किया गया तो ये चोट हड्डी दुर्बल (OSTEOMYELITIS) होने की बीमारी में बदल जाएगी। इसका अर्थ यह था कि मुझे छोटी उँगली को कटवाना ही पड़ेगा। और नसों को नुकसान पहुँच जाने के कारण ऑप्रेशन के बाद भी उँगली पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाएगी।

 

दुर्घटना के बाद निदान क्रिया।

‘‘छोटी उँगली का आकार जहां पर कम से कम 10 बाहरी जख्म हैं जिसमें प्रत्येक की लम्बार्इ लगभग .5सीएम (लगभग .2 र्इं) है। उँगली बहुत जगह से टूटी हुर्इ है और बाहरी जख्म भी बहुत है।

जन्म से ही मैं मसीही रहा हूं। 7 वर्ष की आयु में मैंने Manmin Central Church जाना शुरू कर दिया था और मैं वरिष्ठ पास्टर डा. जैरॉक ली के द्वारा किए गए परमेश्वर के सामथ्र्य के अनगिनित कार्यों का गवाह रहा। मुझे Young Adult Mission के भार्इ हन-बेक-चोर्इ की गवाही भी याद थी। जिनके ऊपर 47 यात्रियों वाली बस चढ़ गयी थी, और उनकी बाएं पांव की (पीठ से नीचे की) हड्डियां कुचल चुकी थीं लेकिन वरिष्ठ पास्टर की प्रार्थना के बाद दुबारा से पूरी तरह से ठीक हो गर्इ थी। ये सोचते हुए की उसकी तुलना में मेरी चोट तो कुछ भी नहीं है, मैं यह प्रण लेकर अस्तताल से लौट गया कि विश्वास द्वारा चंगार्इ प्राप्त करूंगा। दर्द बहुत ही तेज होने के कारण मेरा हाथ कांप रहा था लेकिन जब ‘‘डैनियल की प्रार्थना सभा’’ उस शाम अपने अन्तिम चरण में पहुंच रही थी, तो मुझे मौका मिल गया कि मैं मिस्टर बोकनिम ली, मनमिन प्रार्थना केन्द्र के अध्यक्ष की प्रार्थना को प्राप्त कर सकूं। प्रार्थना के बाद दर्द जाता रहा और एक शान्ति मेरे हृदय में पहुंच गर्इ। इसके अतिरिक्त जब मैंने परमेश्वर के प्रेम को अपने प्रति जान लिया तो मैं केवल उसका एहसानमन्द हो गया।

आने वाले दिनों में Manmin Prayer Centre में र्इश्वरीय चंगार्इ की सभा की श्रृंखला हो रही थी। मैने सभा में उपस्थित होने की हर सम्भव कोशिश की कि जितना भी सम्भव हो मैं उसमें शामिल हो सकूं। मैने अपने नर्म-गर्म विश्वास से, केवल एक आदत के रूप में परमेश्वर की आराधना करने, और प्रार्थना में अर्थहीन बातें दोहराने से पश्चताप किया।

शुक्रवार 25 मर्इ को रातभर की सभा से पहले, मैने पश्चातापी हृदय से वरिष्ठ पास्टर से प्रार्थना को प्राप्त किया, और तभी मैंने महसूस किया कि चोटिल हिस्सा गर्म हो रहा था, मुझे विश्वास हो गया कि ये परमेश्वर की चंगार्इ का काम हो रहा था।

कुछ घण्टों बाद मेरी छोटी उँगली सूजने लगी और मरे हुए खून की फुहार सी निकल पड़ी। उसके बाद जल्दी ही वह ठीक होने लगी।

4-5 दिन के अन्दर ही उँगली पर खुरंड आ गए और मर्इ 31 को एक पतली झिल्ली उतर गर्इ चोटिल हिस्से का खराब हिस्सा बाहर निकल गया था। 1 जून को दुबारा वरिष्ठ पास्टर से प्रार्थना कराने के बाद नसों में जान आ गर्इ थी और अब मैं अपनी उँगली को आगे पीछे मोड़ सकता था हाल्लेलुयाह।

कुछ दिनों के बाद मैं अंगुली दिखाने के लिए डाक्टर के पास गया। वहां मुझे बताया गया ‘‘मुझे नहीं मालूम कि सर्जरी कहां हुर्इ थी। लेकिन ये सब बिल्कुल ठीक हो गया है’’। एक्सरे से पता चला कि उँगली की हर हड्डी और हिस्सा विल्कुल सामान्य हो गया था ऐसे कि जैसे कुछ भी न हुआ हो अब मैं छोटी उँगली को मोड़ सकता और आगे पिछे हिला सकता था, यह बहुत हैरानी की बात थी।

मैं सारे धन्यवाद और महिमा परमेश्वर को देता हूं। और वरिष्ठ पास्टर डा. जैरॉक ली को भी उनकी प्रार्थना के लिए धन्यवाद देता हूं।

Be the first to comment

Leave a Reply